[२६०]
कैंचा आत्मा कैंचा देह |
माझा मी चि नि:संदेह ||१||
कैंचें कर्म कैंचा कर्ता |
अवघी एक माझी सत्ता ||२||
कैंचें विश्व कैंचें भान |
मी चि आपणा प्रमाण ||३||
मिलोनिया मीतूंपण |
स्वामी झाला सच्चिद् घन ||४||
[२६१]
राम-नामी रंगे मन |
कैंची भूक कैची तहान ||१||
कैंचा राहे देह-भाव |
नुरे दिक्कालासी ठाव ||२||
कैंची आधि कैंची व्याधी |
अवघी संपली उपाधि ||३||
नित्य निवांत निर्भय |
स्वामी झाला राममय ||४||
||श्रीकृष्णापर्णमस्तु ||
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